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तुने प्यार किया… मैंने इनकार किया…

तुने प्यार किया… मैंने इनकार किया।फर्क सिर्फ इतना था कि… तेरा दिल सफेद और मेरा दिल काला था। तुने सिकायत किया मैंने बगावत किया…. फर्क सिर्फ इतना था कि… तुने मुझमें खुशी देखी…मैंने तेरी ख़ुशी देखा। तू रोई मैंने मुड़के ना देखा… फर्क सिर्फ इतना था कि… तुझे मेरा हाथ चाहिए था… मुझे तेरी खुशियों […]

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Maine tujhe likhane ki jurrat ki…top shayari…

तेरा हुस्न बयां करना मकसद नहीँ था मेरा… ज़िद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी। ना महफ़िल में देखा ना फसाने में देखा… ना महफ़िल में देखा ना फसाने में देखा… ना तुम सा हसीन इस ज़माने में देखा जब भी तेरी ये शिल्की जुल्फ़े…. मदहोश हवाओ में इठलाती है कमबख्त मेरे दिल […]

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Best Corruption shayari written by Avee

जब अता है दिन चुनाव का… हर घर हाथ फैलाते हो। जनता के जेब भरते… और मदिरा पिलाते हो। समस्या होगी दूर तुम्हारी… ये विश्वाश दिलाते हो। करूंगा किसानों का कर्ज माफ़… ये कहकर ललचाते हो। ये सोचकर की जेब भरूंगा… खूब पैसे उड़ाते हो। दिखाते सपने नए नए… करते वादे प्यारे हो। देश का […]

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दिल तो बहाना ढूंढ़ता है बस तेरे पास जाने का…

दिल तो बहाना ढूंढ़ता है बस तेरे पास जाने का… वो तेरी गुस्से वाली मुस्कान वो तेरे नखरे… वो तेरी नशीली आंखें वो तेरी मदमस्त अदाएं। मुझे देख कर वो तेरा वो नजरे झुकना… फिर नज़ाकत से मेरी ओर देखना। दीवाना है ये ज़माना तेरी सबनमी होट… और मखमली गालों का। तू मेरी शायरी और […]

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आइना ना शर्मा जाए तो कहना…

आइना ना शर्मा जाए तो कहना… देख ज़रा उन निगाहों से जब तुने पहली बार देखा था… तेरी वो नज़र इस पत्थर दिल को पिघला ना जाए तो कहना। देख कभी मेरी आंखो में अपनी उन नशीली आंखों से… दिल में आग ना लगाए तो कहना। छूकर तो देख तेरे होटों से मेरे होटों को… […]

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Rahat Indori Shayari

में तुझको कैसे पढूंगा, मुझे किताब तो दे, Mein tujhko kaise padhunga, mujhe kitaab to de

जुबा तो खोल, नज़र तो मिला,जवाब तो देमें कितनी बार लुटा हु, मुझे हिसाब तो दे तेरे बदन की लिखावट में हैं उतार चढावमें तुझको कैसे पढूंगा, मुझे किताब तो दे Juba to khol, nazar to mila, jawaab to deMein kitni baar luta hun, mujhe to hisaab to de Tere badan ki likhawat mein hain […]

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Rahat Indori Shayari

गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या-क्या है

गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या-क्या हैमैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है फक़ीर शाख़ कलन्दर इमाम क्या-क्या हैतुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या है अमीर-ए-शहर के कुछ कारोबार याद आएमैँ रात सोच रहा था हराम क्या-क्या है

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Rahat Indori Shayari

फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए…

जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाएकाश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर कियाफिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए